ये F.P.S तु मुझे याद आ रहा है,
आज देहरादून में मुझे रुला रहा है ।
जब था वहाँ राँची में ,
जी न करता था स्कूल जाने का ।
छुटटी मारा करता था अक्सर ,
और Application के बदले ,
संग लाता नित्य-नए बहाने था ।
था अक्सर मैं सोंचता ,
जल्दी से पास कर के Board .
पा जाएँ तुझ से निजात ,
और निकल पड़ा था दूर तुझ से ,
मान गुजरा एक जमाना तुजको ।
पर आज मन में है क्यों आग लगी ,
क्यों नयनों से नीर बरस रहे ।
तब छोड़ दिया था तुझको ,
अब मिलने को क्यों तरस रहे ।
तूने था जब गौरव दिया ,
vice-captain कहलाने का ।
कुछ बच्चे कहते थे मुझे खडुस ,
तो कुछ का था मैं,बिंदास दोस्त ।
आज बदल गई है ,उनकी नजर ,
या ,बदल गया हूँ मैं ही कहीं ।
चाहे जो हो,
भर ले सबको, तू आगोश में ,
लौटा दे वो बीते हर पल ,
जो दफ़न हो गए न जाने कहाँ ।
ये F.P.S तू याद आ रहा है ,
आज एकाकी में मुझे रुला रहा है .....
--जय
जब था वहाँ राँची में ,
जी न करता था स्कूल जाने का ।
छुटटी मारा करता था अक्सर ,
और Application के बदले ,
संग लाता नित्य-नए बहाने था ।
था अक्सर मैं सोंचता ,
जल्दी से पास कर के Board .
पा जाएँ तुझ से निजात ,
और निकल पड़ा था दूर तुझ से ,
मान गुजरा एक जमाना तुजको ।
पर आज मन में है क्यों आग लगी ,
क्यों नयनों से नीर बरस रहे ।
तब छोड़ दिया था तुझको ,
अब मिलने को क्यों तरस रहे ।
तूने था जब गौरव दिया ,
vice-captain कहलाने का ।
कुछ बच्चे कहते थे मुझे खडुस ,
तो कुछ का था मैं,बिंदास दोस्त ।
आज बदल गई है ,उनकी नजर ,
या ,बदल गया हूँ मैं ही कहीं ।
चाहे जो हो,
भर ले सबको, तू आगोश में ,
लौटा दे वो बीते हर पल ,
जो दफ़न हो गए न जाने कहाँ ।
ये F.P.S तू याद आ रहा है ,
आज एकाकी में मुझे रुला रहा है .....
--जय
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ReplyDeleteschool days were awesome and memorable yaar !!!!!!!!!
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